Cement Sariya Balu New Rate:अगर आप नया घर बनाने, पुराना मकान ठीक कराने या किसी भी तरह के निर्माण कार्य की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही निर्माण सामग्री के बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सीमेंट, सरिया और बालू जैसे जरूरी सामान के दामों में कमी आने से घर बनाने का सपना अब थोड़ा आसान होता नजर आ रहा है।
बीते महीनों में क्यों महंगे हो गए थे दाम
पिछले कुछ महीनों में निर्माण सामग्री के दाम लगातार बढ़ते जा रहे थे। इसके पीछे कई कारण थे, जैसे कच्चे माल की कीमतों में इजाफा, डीजल और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ना और रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी। साथ ही सरकारी परियोजनाओं की वजह से मांग ज्यादा थी, जिससे सीमेंट, सरिया और बालू आम लोगों की पहुंच से दूर होते जा रहे थे।
नए साल में बाजार में आई नरमी
2026 की शुरुआत में बाजार का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मांग में थोड़ी गिरावट, सप्लाई चेन में सुधार और कुछ सरकारी फैसलों का असर अब दिखाई देने लगा है। इसका नतीजा यह हुआ कि निर्माण सामग्री के दामों में एक साथ गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल यह गिरावट लोगों के लिए राहत लेकर आई है।
सीमेंट के नए रेट से मिली राहत
सीमेंट किसी भी निर्माण कार्य की सबसे अहम सामग्री होती है। ताजा बाजार जानकारी के अनुसार, सामान्य ग्रेड का सीमेंट इस समय ₹340 से ₹360 प्रति 50 किलो बोरी के आसपास मिल रहा है। कुछ महीने पहले यही सीमेंट ₹390 से ₹420 तक बिक रहा था। दाम कम होने से घर बनाने वालों का बजट काफी हद तक संभल गया है।
बड़े और छोटे शहरों में सीमेंट की कीमतें
महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में प्रीमियम ब्रांड का सीमेंट अभी भी थोड़ा महंगा है, जहां इसकी कीमत ₹390 से ₹420 प्रति बोरी तक है। वहीं छोटे शहरों और कस्बों में यही सीमेंट ₹330 से ₹350 में मिल रहा है। ट्रांसपोर्ट खर्च और स्थानीय टैक्स के कारण यह अंतर देखने को मिलता है।
सरिया हुआ सस्ता, निर्माण लागत में कमी
सरिया यानी टीएमटी स्टील के दामों में भी अच्छी गिरावट आई है। फिलहाल सरिया का औसत रेट ₹55,000 से ₹60,000 प्रति टन के बीच चल रहा है। कई इलाकों में यह पिछले महीने की तुलना में ₹3,000 से ₹5,000 प्रति टन तक सस्ता हुआ है। इससे मकान की मजबूती बनाए रखना अब थोड़ा सस्ता हो गया है।
सरिया के दाम गिरने की वजह
सरिया के दाम कम होने के पीछे कच्चे माल की लागत में कमी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता और घरेलू मांग में थोड़ी सुस्ती को वजह माना जा रहा है। इसके अलावा बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में फिलहाल संतुलन बना हुआ है, जिससे स्टील पर ज्यादा दबाव नहीं है।
बालू के दाम भी नियंत्रण में
बालू के बिना निर्माण कार्य अधूरा माना जाता है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में बालू का रेट ₹1500 से ₹2000 प्रति ट्रॉली चल रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बालू ₹2000 से ₹3000 प्रति ट्रॉली तक बिक रही है। यह दाम पिछले साल की तुलना में कम माने जा रहे हैं।
ठेकेदारों और बिल्डरों को भी फायदा
निर्माण सामग्री सस्ती होने से छोटे ठेकेदारों और बिल्डरों को भी राहत मिली है। कम लागत में सामान मिलने से प्रोजेक्ट समय पर पूरे करना आसान हो रहा है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में भी धीरे-धीरे तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
कम दाम देखकर जल्दबाजी न करें। अलग-अलग दुकानों से रेट की तुलना जरूर करें और केवल सस्ते के चक्कर में घटिया क्वालिटी का सामान न लें। हमेशा भरोसेमंद ब्रांड और सही गुणवत्ता वाली सामग्री ही खरीदें।
आने वाले समय में क्या बढ़ सकते हैं दाम
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट ज्यादा समय तक बनी रहे, यह जरूरी नहीं है। मार्च के बाद ट्रांसपोर्ट खर्च, टैक्स और मांग बढ़ने से कीमतें फिर ऊपर जा सकती हैं। ऐसे में अगर आप निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
सीमेंट, सरिया और बालू के दामों में आई यह गिरावट घर बनाने वालों के लिए बड़ी राहत है। सही योजना और समझदारी से खरीदारी करके आप अपने निर्माण खर्च में अच्छी बचत कर सकते हैं।



