Cold Wave Alert:उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड की चपेट में है। मकर संक्रांति गुजरने के बाद भी सर्दी कम होने के बजाय और तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 26 जनवरी 2026 तक उत्तर भारत के कई राज्यों में शीत लहर, घना कोहरा और बेहद कम तापमान बना रहेगा। इसका सीधा असर आम लोगों के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों पर भी पड़ रहा है।
पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ का असर
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसकी वजह से पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है। बर्फ से ढके पहाड़ों से निकलने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसी कारण रात का तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया है।
उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य के आसपास या उससे नीचे दर्ज किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में इस सीजन की सबसे ठंडी सुबहें देखने को मिल रही हैं।
ठंडी हवाओं के साथ-साथ घना कोहरा भी परेशानी बढ़ा रहा है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों और फ्लाइट्स में देरी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
पूर्वी भारत में भी बढ़ी ठंड
अब ठंड सिर्फ उत्तर-पश्चिम भारत तक सीमित नहीं रही है। झारखंड, ओडिशा और आसपास के पूर्वी राज्यों में भी तापमान तेजी से गिर रहा है। यहां आमतौर पर इतनी कड़ाके की सर्दी कम देखने को मिलती है, इसलिए लोग ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार ठंडी हवाओं का दायरा धीरे-धीरे और फैल रहा है।
क्या 19 जनवरी के बाद मिलेगी राहत?
मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 जनवरी के आसपास नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इससे न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है और पाले से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ठंड पूरी तरह खत्म नहीं होगी। सुबह-शाम की ठिठुरन और घना कोहरा आगे भी बना रह सकता है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
इस कड़ाके की ठंड का सबसे ज्यादा असर रबी फसलों पर पड़ रहा है। पाले का खतरा लगातार बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को ये सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
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रात के समय हल्की सिंचाई करें
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फसलों को पाले से बचाने के लिए खेतों के किनारे धुआं करें
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मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें
इन उपायों से फसलों को नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है।
पशुपालकों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को ठंडी हवाओं से बचाएं, रात में खुले में न रखें और गुनगुने पानी व पर्याप्त चारे की व्यवस्था करें।
आम लोगों, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने चाहिए। कोहरे में वाहन चलाते समय धीमी गति और सावधानी बेहद जरूरी है।
26 जनवरी तक ठंड से राहत नहीं
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 26 जनवरी तक ठंड का यह दौर जारी रह सकता है। शीत लहर, घना कोहरा और ठंडी हवाएं उत्तर भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित करती रहेंगी। ऐसे में सतर्क रहना, मौसम की सलाह मानना और जरूरी सावधानियां अपनाना ही इस कड़ाके की सर्दी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।









