School Winter Holidays News:जनवरी 2026 में देश के कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और प्रमुख त्योहारों की वजह से कुछ राज्यों में स्कूलों को लगातार चार दिनों तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है। खासतौर पर उत्तर भारत में मौसम की खराब स्थिति और दक्षिण भारत में पोंगल जैसे बड़े पर्व के कारण छुट्टियों का यह सिलसिला देखने को मिल रहा है।
जनवरी में स्कूल छुट्टियों का शेड्यूल क्यों बदला
आमतौर पर सर्दियों की छुट्टियां दिसंबर के अंत या जनवरी की शुरुआत में होती हैं, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग रहे। जनवरी के मध्य में अचानक ठंड और कोहरे का प्रकोप बढ़ गया। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे छोटे बच्चों के लिए स्कूल जाना जोखिम भरा हो गया। इसके साथ ही मकर संक्रांति, पोंगल और भोगी जैसे त्योहार भी इसी समय पड़े। इन्हीं कारणों से राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
चार दिन की लगातार छुट्टी कैसे बन रही है
इस बार छुट्टियों का संयोजन कुछ ऐसा है कि छात्रों को लगातार चार दिन का अवकाश मिल रहा है। 15 जनवरी को मकर संक्रांति या पोंगल की छुट्टी, उसके बाद कुछ राज्यों में 16 और 17 जनवरी को घोषित अवकाश और फिर रविवार की छुट्टी जुड़ने से यह चार दिन का ब्रेक बन रहा है। इससे छात्रों को न केवल त्योहार मनाने का समय मिल रहा है, बल्कि ठंड से भी राहत मिल रही है।
किन राज्यों में चार दिनों तक स्कूल बंद रहेंगे
चंडीगढ़ में सर्दियों की छुट्टियों को 17 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। 18 जनवरी को रविवार होने के कारण स्कूल 19 जनवरी, सोमवार से खुलेंगे।
तमिलनाडु में पोंगल पर्व के चलते 15, 16 और 17 जनवरी को सरकारी अवकाश है। रविवार को मिलाकर यहां भी स्कूल चार दिन तक बंद रहेंगे।
उत्तर प्रदेश में 15 जनवरी को मकर संक्रांति की छुट्टी के बाद कई जिलों में ठंड और कोहरे को देखते हुए छुट्टियां बढ़ाई गई हैं।
दिल्ली और नोएडा में भी 15 जनवरी तक विंटर वेकेशन बढ़ाया गया था।
हरियाणा के कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन ने मौसम को देखते हुए स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं।
मौसम और त्योहारों का स्कूल छुट्टियों पर असर
उत्तर भारत में शीतलहर और घना कोहरा बच्चों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में प्रशासन ने एहतियातन स्कूल बंद रखने का फैसला लिया। वहीं, दक्षिण भारत में पोंगल एक बड़ा कृषि पर्व है, जो चार दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान परिवार एक साथ समय बिताते हैं, इसलिए वहां स्कूलों का बंद रहना परंपरा का हिस्सा है।
छुट्टियों का छात्रों और अभिभावकों पर प्रभाव
लगातार चार दिनों की छुट्टी से छात्रों को पढ़ाई से थोड़ी राहत मिलती है और वे परिवार के साथ समय बिता पाते हैं। त्योहारों के दौरान यह ब्रेक मानसिक रूप से भी फायदेमंद होता है। हालांकि, अभिभावकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि छुट्टियों के बाद बच्चों की पढ़ाई की लय बनी रहे। कामकाजी माता-पिता को बच्चों की देखभाल के लिए अतिरिक्त योजना बनानी पड़ सकती है।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
स्कूल छुट्टियों को लेकर सोशल मीडिया पर कई बार गलत खबरें फैल जाती हैं। इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल स्कूल की आधिकारिक सूचना, शिक्षा विभाग के आदेश या जिला प्रशासन की घोषणा पर ही भरोसा करें। अगर मौसम और खराब होता है तो छुट्टियां आगे भी बढ़ सकती हैं। स्कूल खुलने की सही तारीख जानने के लिए स्कूल प्रशासन से संपर्क बनाए रखें।
जनवरी 2026 में घोषित ये स्कूल छुट्टियां बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और त्योहारों की परंपरा को ध्यान में रखते हुए दी गई हैं। चार दिनों की लगातार छुट्टी छात्रों के लिए राहत लेकर आई है। अभिभावकों को चाहिए कि वे इस समय का सही उपयोग करें और बच्चों की पढ़ाई में संतुलन बनाए रखें।









